Essentials of mathematics and theory in Astrology

Essentials of mathematics and theory in Astrology –

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Hello Guys, मैं हूँ दिनेश्वरसिंह रौतिया पिछले Post में ज्योतिष को मैं विज्ञान निरुपित किया है. विज्ञान चाहे आधुनिक हो या प्राचीन उनमें गणित और सिद्धांत की Involvement अनिवार्य है. तो आज के रोचक Post में मैं ज्योतिष के कुछ अन्य सच्चे सिद्धान्तों को फलीभुत करके दिखा रहा हूँ उन्हें  आप यहाँ पर पढ़िये देखिये और समझिये.  

Math + Theory + Instrument = became the Science.

दोस्तों,  किसी के भी जन्मकाल में राहू अपने स्वनक्षत्र स्वाति, आर्द्रा या शतभिषा में बैठा हो. अथवा लालकिताब के अनुसार कुंडली में सूर्य + बुध साथ हों तो जन्मज को शुक्र-राहू के दशाभुक्ति में धन – संतान प्राप्त होता है. अब चूँकि मैं हनुमान तो हूँ नहीं कि अपनी छाती को फाड़कर सच दिखाऊं लेकिन आप बिलकुल मायूस न होयें. मैं खुद के कुंडली का पोस्टमार्टम करके आपको उपरोक्त सिद्धान्तों के सच्चाई को दिखा दे रहा हूँ.

Examples of true events through Astrology-

Essentials of mathematics and theory in Astrology
kundali example

दोस्तों, अगर आप ता. 29/12/1957 ई., समय 5/57 P.M. और स्थान जशपुरनगर के डिटेल्स पर जाएँ. तो मिथुनलग्न या जेमिनीएडेंट का होरोस्कोप बनता है ग्रहस्पष्ट देखें तो राहू अपने स्वाति नक्षत्र में बैठा है. दूसरी बात कुंडली के सप्तमभाव में सूर्य और बुध एक साथ हैं कुंडली का प्रिंट यहाँ दिया जा रहा है. तो मुझपर सन 1980 से 2000 ई. तक शुक्र महादशा में राहू अन्तरा ता. 08/11/87 से 07/11/90 तक चली. सन 1982 ई. में हमारा विवाह हुआ और शुक्र महादशा में राहू अन्तरा के बीच ता. 08/01/1990 को हमारा पहला संतान पैदा हुआ है. इस तरह धन उर्फ़ परिवार एवं संतान सुख मुझे  शुक्र-राहू के दशाभुक्ति में ही प्राप्त हुआ है.

Knowledge of mathematics through Astrology –

दोस्तों, पिछले के दो, तीन Post में गणित द्वारा ही मैं ज्योतिष के सच्चे सिद्धान्तों को सिद्ध किया हूँ. तो जाहिर सी बात है आपके मन में यह सवाल जरुर उठेगा कि मैं क्योंकर इतना गणित जानता हूँ ? इस सवाल का उत्तर भी मैं आपको ज्योतिष के थ्रू ही दे रहा हूँ उसे जानिये. मित्रों हरेक 14 दिसंबर से 13 जनुअरी तक सूर्य के धनुराशि में ट्रांजिट करने पर पौषमाह रहता है. 14 जनुअरी को सूर्य मकरराशि में जाता है तब भारत में मकरसंक्रांति नामक पर्व मनाया जाता है. पौषमाह को अशुभ मानकर हिन्दू लोग मकान, कुआं आदि निर्माण और विवाहकर्म के लिए वर्जित किये हैं.

Mathematics & Astrology with Indian month paush –

लेकिन दोस्तों, इसका मजेदार पहलू यह है कि दुनियां को गाइड करने वाले महान लोग पौष में ही जन्में थे. जैसेकि 18 दिस. गुरुघासीदास, 22 दिस. रामानुजनअय्यर, 25 दिस. ईशामसीह, न्यूटन, A.B. बाजपेयी और 12 जन. को विवेकानन्द जन्मा था. इन सभी ने किसी न किसी रूप में दुनियां को गाइड किया है जैसेकि इस्वीसन ईशामसीह का देन है. अब अगर धनुराशि के सूर्य से गणितज्ञान आता है तो उसमें विश्वविख्यात दो महान गणितज्ञ न्यूटन और रामानुजन जन्में थे. अगर हम ता.14 दिसंबर से 13 जनुअरी तक के पौषमाह को गणित का सीजन मान लेते हैं. तो उसी सीजन में 29 दिसंबर को मैं जन्मा हूँ और जैसेकि आम के सीजन में ही आम फलते हैं. जस्टवे गणित के सीजन में ही सारे गणितज्ञ पैदा होयें तो इसमें आपको कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिये ?

तो साथियो, यही कारण है कि मैं विधाता उर्फ़ क्रेअटर के सृष्टि में व्याप्त गणित को समझता- बुझता हूँ. महान गणितज्ञ होने के अलावा न्यूटन आला दर्जे का ज्योतिषी भी था और मैं ज्योतिष पर ब्लॉग लिख रहा हूँ. बाकी तो आप स्वयं ही समझदार हैं अतः कम पढ़कर ज्यादा समझने का प्रयास करें. अगले Post में मेरा टॉपिक होगा कि मैं ज्योतिष क्योंकर जानता हूँ ? बस आप तो मेरा ब्लॉग Post पढ़ते और इसे दोस्तों से शेयर भर करते जाईये  धन्यवाद ! जयहिन्द !


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