Why do I know Astrology? Main jyotish kyonkar jaanta hun ?

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Hello Guys, मैं हूँ दिनेश्वरसिंह रौतिया पिछले Post में यह बताने का वादा किया है कि ज्योतिष क्योंकर जानता हूँ ? इस पोस्ट में उपरोक्त सवाल का ही रोचक जबाब देने जा रहा हूँ जिसे आप ध्यान से पढ़िये और समझिये. ज्योतिष के थ्रू जन्मकुंडली के पांचवेघर को शिक्षा- संतान का एवं  आठवे को रहस्यमय Occult ज्ञान का घर माना जाता है. आठवेघर को आप नोडाउट अनुसन्धान या रिसर्च सेंटर भी मान सकते हैं.

Jupiter & Venus – in the eyes of Astrology – Jyotish ke najar men Brihaspati aur Shukra –

दोस्तों, देवों का गुरु बृहस्पति Jupiter को और असुरों का गुरु शुक्र Venus को माना जाता है. गुरु याने ज्ञान का जिन्दा स्वरूप है ऐसे में बृहस्पति या शुक्र या दोनों कुंडली के आठवेघर में जाकर बैठें. तो वे जन्मज को 100% ज्योतिषी Astrologer बना देते हैं खासकर शुक्र वहां जाकर बैठ जाय. एक तो वैसे ही शुक्र शोधकर्ता रहा है अपने चेले असुरों के लिए नित नयी नयी चीज खोजा करता था. उसी कड़ी में उसने मृतसंजीवनी जैसे विद्या का आविष्कार किया है. अगर वही शोधकर्ता शुक्र कुंडली के आठवेघर या रिसर्च सेंटर में जाकर में बैठा हो तो क्या हो सकता है ? आप बखूबी इसका अंदाजा लगा सकते हैं कि जन्मज जरुर ज्योतिष को जानने समझने वाला होगा.

Understanding of astrology theory by tearing the chest – Jyotish siddhant ka chhati faad dvara pradarshan –

Essentials of mathematics and theory in Astrology

दोस्तों, त्रेतायुग में हनुमान ने जो कहा था उसे अपना सीना चीरकर दिखाते हुए प्रमाणित भी किया था. तो मैं भी अपने लिखे -कहे को प्रमाणित करने हेतु खुद के ही कुंडली का हवाला दे रहा हूँ. यदि आप ता. 29/12/1957 ई. Time – 5/57 P.M. और स्थान जशपुरनगर के डिटेल्स को कंप्यूटर में अपलोड करें. तो मिथुनलग्न उर्फ़ Gemini एडेंट का Horoscope प्रिंट होगा. कुंडली देखें इसके पंचम याने ज्ञानघर में Jupiter बैठा हैं और अष्टम याने Occult ज्ञानघर में जाकर Venus बैठा है. यानेकि मेरे ज्ञान वाले दोनों घर दोनों गुरुओं से ही प्रभावित हो रखे हैं. “ हाथ कंगन को आरसी क्या और पढ़े लिखों को फ़ारसी क्या ?” अर्थात मैं ज्योतिष को जानता समझता हूँ तभी तो इसपर ब्लॉग लिख रहा हूँ, और वीडियोज भी बनाया हूँ.

The result of birth in the sun of sagittarius – dhanu rashi ke surya men janm ka fal –    

प्रिय दोस्तों, ता.14 Dic. से 13 Jan.तक हर साल सूर्य The sun धनुराशि sagittarius में रहता है. सपोज धनुस्थ सूर्य में या ता.14 Dic. से 13Jan. के बीच जन्म होने से यदि गणित का ज्ञान आता है. तो ता. 22 Dic. को रामानुजन एवं 25 Dic. को न्यूटन आदि दो प्रख्यात महान गणितज्ञ जन्मे थे. तो इधर ता. 29 Dic. को मैं जन्मा हूँ  हो न हो इसीलिये मैं सृष्टि में व्याप्त गणित को जानता हूँ. और गणित + सिद्धांत के योग से ही ज्योतिष बनता है. मैंने कहीं पढ़ा है कि न्यूटनजी गणितज्ञ होने के साथ एक अच्छे ज्योतिषी उर्फ़ Astrologer भी थे. मैं क्या हूँ ? यह तो आप भलीभांति समझ ही चुके होंगे.

यहाँ मैं ज्योतिष के दो सिद्धान्तों द्वारा ज्योतिषी या गणितज्ञ बनने के लक्षण को बता दिया है. तो मैं फिर से रिपीट कर रहा हूँ कि ज्योतिष कोई गप्प नहीं ईश्वर प्रदत्त प्रकाश है. इस प्रकाश से मनुष्य अपने आगामी भविष्य के ताने बाने को बखूबी देख और समझ सकता है. बाकी तो आप स्वयं ही समझदार हैं अतः कम पढ़कर ज्यादा समझने का प्रयास करें. अगले Post में मेरे रोचक चर्चा का टॉपिक स्वतंत्र भारत का जन्मकुंडली होगा. बस आप तो मेरा ब्लॉग Post पढ़ते और इसे दोस्तों से शेयर भर करते जाईये  धन्यवाद ! जयहिन्द !


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